अमेरिका में पाकिस्तानियों से प्रेम, भारतीयों पर बैन! क्या अगला नंबर H-1B वीजा का है, आईटी प्रोफेशनल्स के लिए खतरे की घंटी

अमेरिका में पाकिस्तानियों से प्रेम, भारतीयों पर बैन! क्या अगला नंबर H-1B वीजा का है, आईटी प्रोफेशनल्स के लिए खतरे की घंटी Indian IT professionals News: भारत पर अमेरिकी टैरिफ के बाद, H-1B वीजा पर खतरा मंडरा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक भारतीय आईटी पेशेवरों के खिलाफ खुलकर बोल रहे हैं, वीजा रद्द करने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि अमेरिकी नागरिकों को नौकरियां नहीं मिल रही हैं। वॉशिंगटन/नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर तैर रहे कई सवालों में से एक सवाल यह भी पूछा जा रहा है कि भारत पर 50 फीसदी भारी भरकम टैरिफ लगाने का खामियाजा क्या अमेरिका में H-1B वीजा पर काम कर रहे भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स को भी भुगतना पड़ सकता है। H-1B वीजा जिसे लंबे समय से भारतीय आईटी इंजीनियरों के लिए अमेरिका में करियर बनाने की राह मानी जाती रही है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत से रूस से तेल न खरीदने को लेकर दबाव डाल रहे हैं। मगर, भारत ने साफ कर दिया है कि वह झुकने वाला नहीं है। ऐसे में माना जा रहा है कि अगला नंबर H-1B वीजा का ही होगा। ट्रंप के आने के बाद से वैसे भी अमेरिका में भारतीयों की मुश्किलें बढ़ी ही हैं। इसे जानते हैं। मेक अमेरिका ग्रेट अगेन से भारतीयों पर निशाना अमेरिका में उनके समर्थकों ने अमेरिका में पहले से ही काम कर रहे भारतीयों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। इस चर्चा के एक हिस्से के रूप में, एमएजीए (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) समूह एच-1बी वीजा कार्यक्रम पर निशाना साध रहा है, जो हजारों कुशल भारतीय आईटी इंजीनियरों को हर साल काम के लिए अमेरिका जाने का अवसर देता है। यह घटनाक्रम भारत-अमेरिका संबंधों के एक नाज़ुक दौर में सामने आया है, जहां डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगी खुले तौर पर सवाल उठा रहे हैं कि अमेरिकी कंपनियां विदेशी कर्मचारियों पर निर्भर क्यों हैं, जबकि तकनीकी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर छंटनी हो रही है। वहीं, सोशल मीडिया पर पाकिस्तानियों से अमेरिका के प्रेम की बातें कही जा रही हैं। H-1B VISA PROGRAMME कौन उठा रहा है ये आवाजें और क्यों H-1B वीजा के खिलाफ फिर से ऑनलाइन अभियान शुरू करने वाली सबसे प्रमुख आवाजों में से एक हैं राजनीतिज्ञ मार्जोरी टेलर ग्रीन। भारत पर टैरिफ लगाने की घोषणा के समय ट्रंप का हवाला देते हुए ग्रीन ने 4 अगस्त को अपने एक्स अकाउंट पर लिखा-अमेरिकी नौकरियों की जगह भारतीय H-1B वीजा को खत्म करो और ओबामा/बाइडेन/नियोकॉन यूक्रेन रूस युद्ध के लिए धन और हथियार भेजना बंद करो। ऐसा लग रहा है जैसे भारत पर टैरिफ ने इस मुद्दे पर MAGA समर्थकों को एक नया जोश दे दिया है। अमेरिका में दक्षिणपंथी प्रभावशाली लोग अब खुलकर भारतीय आईटी इंजीनियरों के ख़िलाफ बोल रहे हैं। वे मांग कर रहे हैं कि H-1B वीजा को या तो संशोधित किया जाए ताकि भारतीयों को रोका जा सके या इसे पूरी तरह से रद्द कर दिया जाए।
अमेरिकी लोगों को नहीं मिल रही नौकरी ऐसे ही एक व्यक्ति, पीटर सेंट ओन्गे ने हाल ही में लिखा-H1B कार्यक्रम को टोक्यो और म्यूनिख से प्रतिभाशाली लोगों को लाने के नाम पर बेचा गया था। इसके बजाय, हमें लाखों डिस्काउंट कोडर्स मिले, जबकि जिन अमेरिकियों ने कोडिंग सीखी भी, उन्हें नौकरी नहीं मिल पा रही है। एक अन्य अकाउंट राइट एंगल न्यूज नेटवर्क ने लिखा-एक ऐसी वेबसाइट बनाई गई है जो अमेरिकी नागरिकों को केवल H-1B कर्मचारियों के लिए निर्धारित नौकरियों की सूची देखने देती है। हर बार जब कोई अमेरिकी आवेदन करता है, तो यह किसी विदेशी को नौकरी पाने से रोक देती है। कुछ नुकसान पहुंचाती है।

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